उसके परिवार सदस्यों द्वारा इज्जत के डर से बलात्कार के अधिकांश मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती है। आनंद मार्ग महिला कल्याण विभाग की ओर से अवधुतिका आनंद कल्याणमया आचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज में जैसे-जैसे अश्लील यौन साहित्य, फिल्म वीडियो अभी बड़े हैं वैसे वैसे यौन अपराध भी बढ़ते गए हैं। वर्तमान में संचार माध्यमों में सेक्स और हिंसा का प्रदर्शन समाज में यौन अपराधों के बढ़ने में उत्प्रेरक का काम कर रहा है। वर्तमान समय में सूचना क्रांति तथा इंटरनेट के कारण भी महिलाओं के यौन शोषण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आजा वे सकता है नारी वजन जागरूकता जैसे नारी चेतना शिक्षा जागरूकता और मुक्ति के स्वर पहले से अधिक मुखर होकर सामने आएंगे वैसे वैसे महिलाओं के विरुद्ध हिंसा पर नियंत्रण पाया जा सकता है। महिला विद्यार्थियों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। महिलाओं के प्रति अत्याचार से संबंधित मामलों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष कानून में पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। जो महिलाएं पीड़ित है उनके कल्याण और पुनर्वास के लिए व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार द्वारा सभी स्तरों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ावा दिया जाए। महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने वाली संस्थाओं को मजबूत बनाया जाए। सभी महिलाओं को शिक्षित किया जाए जिससे वे अपने अधिकार के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बन सकें








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